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बुधवार, 27 मई 2026

गर्दन-पीठ की जकड़न, तो कमर दर्द से परेशान? दूर करने का आसान उपाय है 'सेतुबंधासन'

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में अब केवल 25 दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार विभिन्न योगासनों की जानकारी दे रहा है। इसी क्रम में मंत्रालय ने सेतुबंधासन के अभ्यास से मिलने वाले फायदों के बारे में जानकारी देते हुए रोजाना इसका अभ्यास करने की अपील की।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह सरल योगाभ्यास गर्दन में अकड़न, पीठ के निचले हिस्से में जकड़न और शरीर के लचीलेपन की कमी को दूर करने में बेहद कारगर है।

आजकल की व्यस्त जीवनशैली, लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने और गलत मुद्रा में बैठने के कारण कई लोग गर्दन में अकड़न, कमर के निचले हिस्से में जकड़न और शरीर में लचीलेपन की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ये समस्याएं धीरे-धीरे दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं। चलने-फिरने में दिक्कत, थकान महसूस होना और तनाव बढ़ना आम बात हो गई है।

मंत्रालय के अनुसार, सेतुबंधासन इन समस्याओं का सरल और प्राकृतिक समाधान है। सेतुबंधासन को ब्रिज पोज भी कहा जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है, गर्दन और कंधों के तनाव को कम करता है तथा पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव पैदा करता है। नियमित अभ्यास से शरीर की ताकत बढ़ती है, संतुलन बना रहता है और गतिशीलता में सुधार होता है। साथ ही, यह तनाव और चिंता को दूर करने में भी मदद करता है।

सेतुबंधासन के अभ्यास से गर्दन और कंधों की अकड़न में राहत मिलती है और पीठ के निचले हिस्से की जकड़न कम होती है। इससे रीढ़ का लचीलापन बढ़ता है तथा पैरों और कमर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। साथ ही, यह तनाव और अनिद्रा की समस्या से भी राहत दिलाने में सहायक है।

आयुष मंत्रालय ने इस आसन को सभी उम्र के लोगों के लिए उपयोगी बताया है। विशेषकर जो लोग डेस्क जॉब करते हैं या ज्यादा समय तक एक ही जगह बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह अत्यंत फायदेमंद है। सेतुबंधासन जैसा सरल आसन घर पर भी आसानी से किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीके से और खाली पेट इस आसन का अभ्यास करने से जल्दी लाभ मिलता है। शुरुआती लोगों को धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाना चाहिए। वहीं, गर्भवती महिलाओं और गंभीर शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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