मुंबई, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय उद्योग परिसंघ फिक्की (एफआईसीसीआई) के अध्यक्ष और आरपीजी ग्रुप के वाइस चेयरमैन अनंत गोयनका ने मंगलवार को कहा कि भारत में व्यापक आधार पर आर्थिक वृद्धि देखने को मिल रही है और बढ़ते क्षमता उपयोग के चलते कंपनियां पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में मांग सुधरने से कारोबारी विश्वास मजबूत हुआ है और इससे निवेश गतिविधियों को नई गति मिल रही है।
फिक्की फ्रेम्स कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में गोयनका ने कहा कि लगभग सभी क्षेत्रों में विकास के संकेत दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, हम अर्थव्यवस्था में व्यापक स्तर पर वृद्धि देख रहे हैं। क्षमता उपयोग बढ़ने के साथ विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी निवेश भी बढ़ रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से ऑटोमोबाइल क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सेक्टर में अपेक्षाकृत अधिक तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका सकारात्मक प्रभाव पूरे सप्लाई नेटवर्क और वैल्यू चेन पर पड़ रहा है। ऑटो सेक्टर में बढ़ती मांग के कारण पुर्जों, कच्चे माल, लॉजिस्टिक्स और अन्य संबद्ध उद्योगों को भी लाभ मिल रहा है।
हालांकि, गोयनका ने यह भी कहा कि उद्योगों के सामने लाभ मार्जिन को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं। बढ़ती कमोडिटी कीमतों के कारण कंपनियों की लागत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कंपनियां कुछ अतिरिक्त लागत उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन आमतौर पर इसमें समय लगता है और इसका पूरा असर तुरंत कीमतों में दिखाई नहीं देता।
उन्होंने कहा कि कमोडिटी कीमतों के स्थिर होने तक मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। विशेष रूप से कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी को उन्होंने उद्योगों के लिए चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल या उससे ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे विभिन्न उद्योगों की लागत बढ़ रही है।
मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र पर टिप्पणी करते हुए गोयनका ने एफआईसीसीआई फ्रेम्स को उद्योग का एक प्रतिष्ठित मंच बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन अब 26 वर्षों का सफर पूरा कर चुका है और मीडिया उद्योग में हो रहे बड़े बदलावों को समझने तथा भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज मीडिया उद्योग एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। कंटेंट देखने के तरीके, प्रसारण के माध्यम, मल्टी-स्क्रीन उपभोग, कम होती ध्यान अवधि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सिंथेटिक डेटा जैसी तकनीकें उद्योग की प्रकृति को तेजी से बदल रही हैं।
गोयनका के अनुसार, फ्रेम्स ऐसा मंच है जहां कंटेंट क्रिएटर्स, तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और उपभोक्ता एक साथ आकर यह समझ सकते हैं कि भविष्य का मीडिया उद्योग किस दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मीडिया जगत के लिए परिवर्तन और नवाचार का दौर है और ऐसे मंच इस बदलाव को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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